उद्यमी बनना एक जोखिम भरा और सम्मानित पेशा है। बेशक, इस पेशे में जोखिम और तनाव है, तो यहां पुरस्कार के साथ पूर्णता का अहसास भी है। आपके भीतर की लगन, धैर्य और नये विचार जल्द ही आपको खुद का बॉस बना सकती है। उद्यमी कई प्रकार के होते हैं। सामाजिक उद्यमी समाज/देश की सामाजिक, व्यापार, शैक्षणिक और आर्थिक परिस्थितियों में सहायता, सुधार और रूपांतरण के लिए प्रेरित होते हैं। यहां हम उद्यमी के आवश्यक गुणों पर बात कर रहे हैं। ये गुण सामाजिक उद्यमी के लिए भी उतना ही जरूरी है, जितना की किसी अन्य प्रकार के उद्यमियों के लिए। यहां व्यावसाय का तात्पर्य आपके उद्यम द्वारा किए जाने कार्यपद्धति से है।
स्वयं को जानने के लिए आप खुद से पूछें, आप अपने जिन्दगी में क्या पाना चाहते हैं? आप अपने वर्तमान व्यावसाय को कहां ले जाना चाहते हैं? आपके लिए महत्वपूर्ण क्या है? और यह भी कि आप क्या देने के लिए तैयार हैं!
2. खुद को परखें
अपना मालिक स्वयं बनना कई लोग चाहते हैं लेकिन यह क्षमता कुछ लोगों में बाकियों से बेहतर होती है। आप किसी परिस्थिति में कैसे व्यवहार करते हैं, यह जानना आपको अपने लक्ष्य तक पहुंचाने में मदद करेगी।
क्या आप कई जिम्मेवारियों को एक साथ उठा पाने में सक्षम हैं? ज्यादातर उद्यमियों का कोई ‘बैकअप’ नहीं होता है। अपने व्यावसाय की सफलता से आपकी सफलता या विफलता जुड़ी होती है।
• क्या आप लोगों से बातचीत करने में आनंद लेते हैं? उद्यमी को विभिन्न लोगों से संपर्क स्थापित करना पड़ता है। शुरूआत में कई लोगों से संपर्क करना पड़ता है। अगर आप लोगों से बात करने में सहज नहीं हैं तो आपको अपने व्यावसाय को जमीन पर लाने में मुश्किल आ सकती है।
• क्या आप अनिश्चितता और असफलता को झेलने के लिए तैयार हैं? बिल गेट्स और स्टीव जॉब्स जैसे सफलतम उद्यमी को भी असफलता का सामना करना पड़ा। जबतक कि उन्होंने सफल होने के मंत्र को नहीं जान लिया।
• क्या आप समस्या को दूर करने के लिए रचनात्मक समाधान खोज पाने में सक्षम हैं? उद्यमी को कदम-दर-कदम समस्याओं से निपटने के लिए रचनात्मक समाधान ढूंढने होते हैं। एक सफल उद्यमी बनने के लिए समस्याओं को जूझने और उसे दूर करने के लिए सोचना जरूरी है।
3. अपने क्षमताओ को पहचानें
ईमानदारी से अपनी कमियों और क्षमताओं को पहचानें। अपने निवेशकों और उपभोक्ताओ का विश्वास जीतने के लिए अपने क्षमताओं और आइडिया को बेहतर तरीके से रखें।
सफलता के लिए दृढनिश्चय रहें
उद्यम शुरू करने के शुरुआती दिनों में आपका दृढनिश्चय और उर्जा ही बाधाओं से पार पाने में मदद करता है। खुद पर विश्वास बनाएं रखने के लिए आदर्शवादी होने के साथ अपने सही स्थिति को जानने के लिए व्यावहारिक होना भी आवश्यक है।
1. अपना कार्यक्षेत्र चुनें
कोई भी व्यावसाय एक दमदार आइडिया से शुरू होता है। व्यावसाय या तो जीवन को आसान बनाने के लिए कोई सेवा हो सकती है या कोई प्रोडक्ट हो सकता या दोनों का मिला-जुला रूप हो सकता है।
• यह जरूरी नहीं है कि आपके पास कोई क्रांतिकारी या बिल्कुल नया आइडिया हो। लेकिन आपके पास प्रतियोगियों से बेहतर करने का आइडिया होना चाहिए।
• आपके सफल होने की संभावना अधिक होगी अगर आप अपने विषय को बेहतर तरीके से समझते हों और उसे प्यार करते हों। आपके गांव में कपड़े की कोई दुकान नहीं है। लेकिन आपको दुकान खोलना पसंद नहीं। तब कपड़े की दुकानदारी में सफलता की संभावना कम है।
• आइडिया के लिए सबसे पहले अपने संभावित बाजार की सूची बनाएं। उदाहरण के लिए जहां लोग सेवाओं एवं प्रोडक्ट के लिए जाते हैं, एवं जिसकी जरूरत है। पूंजी, लागत एवं जरूरत को ध्यान में रखते हुए तीन प्रमुख सेवा/प्रोडक्ट को चुनें। अब उन प्रोडक्ट/सेवाओं को चुनें जो सबसे आसान एवं सुलभता से दी जा सकती है।
2. अपने बाजार के बारे में गहराई से जानें
किसी व्यावसाय को शुरू करने से पहले यह जानना जरूरी है कि आपके द्वारा दी जाने वाली प्रोडक्ट/सेवा की मांग है या नहीं। आप जो उत्पाद लाना चाहते हैं, वह बाजार में उपलब्ध न हो या कम हो लेकिन आप उसे तैयार करने की क्षमता रखते हों।
• व्यावसाय से संबंधित कई सूचना ऑनलाइन उपलब्ध होती है। अपने व्यावसाय से संबंधित जानकारी को इंटरनेट पर सर्च करें और संबंधित जर्नल एवं पत्रिका पढ़ें। जनगणना के डाटा से भी कई प्रकार की सूचनाएं प्राप्त की जा सकती है।
• अगर आप कोई उद्यम स्थापित करना चाहते हैं तो भारत सरकार के www.business.gov.in वेबसाइट पर जाएं। यहां उद्यम एवं कंपनी खोलने से संबंधित जानकारी हिन्दी एवं अंग्रेजी में उपलब्ध है।
3. अपने संभावित उपभोक्ता से बात करें
दुनिया की सबसे बेहतर सेवा और प्रोडक्ट बनाने का आइडिया होने के बावजूद, खरीददार के आभाव में आपका व्यावसाय बंद हो सकता है।
• अपने व्यावसाय की योजना मित्र को बताएं, आपके मित्र आपकी योजना के खामियों को बेहतर रूप से बता सकते हैं। हालांकि आलोचना सुनना आसान नहीं होता, लेकिन यह आपके व्यावसाय की त्रुटियों को दूर करने में मददगार हो सकता है।
4. जोखिम को पहचानें
हमने पहले ही जिक्र किया है कि उद्यम में अधिक जोखिम और अधिक लाभ है। अपने कुल निवेश की गणना करें। कुल निवेश में श्रम और समय भी शामिल होता है।
• बिना लाभ कमाये व्यावसाय को कबतक चलाया जा सकता है। बचत, उधार और आय के अन्य स्त्रोतों को ध्यान में रखकर इसकी गणना करें। अक्सर छोटे उद्यम शुरूआती दिनों में फायदा नहीं देते। क्या आप बिना वेतन लिये के कुछ दिनों या महिनों या सालों तक अपने उद्यम या व्यावसाय को चला सकते हैं?
5. ‘स्वीकार योग्य घाटे’ को समझना
तय करें कि व्यावसाय में कितना घाटा बर्दास्त कर सकते हैं। व्यावसाय के असफल होने की स्थिति में आप घाटे से जल्द उबर सकते हैं।
6. योजना नहीं बल्कि अपने लक्ष्य को पाने का प्रयास करें
उद्यमी बनने के लिए विचारों में लचीलापन रखना जरूरी है। आप प्रत्येक उद्यम में सबकुछ नियंत्रित नहीं रख सकते हैं, बदलाव व्यावसाय को बचाये रखने के लिए बहुत जरूरी है। अगर आप अपने पूर्व के योजना पर अड़े रहें तो आप बरबाद भी हो सकते हैं।
बिजनेस प्लान यानी व्यावसाय के लिए योजना का तात्पर्य आपके उद्यम द्वारा दी जाने वाली सेवाओं/प्रोडक्ट एवं ग्राहकों से है। बाजार का विश्लेषण में सेवाओं/प्रोडक्ट का विस्तृत विवरण और आने वाले तीन से पांच सालों में उद्यम की स्थिति शामिल होती है। प्राय: निवेशक, व्यावसाय की विस्तृत योजना को देखना चाहता है।
2.अपने कंपनी/सोशल एंटरप्राइजेज का विवरण लिखें
आपका सोशल एंटरप्राइजेज/कंपनी क्या काम करती है? यह किन जरूरतों को पूरा करती है? आपके द्वारा दी जाने वाली प्रोडक्ट और सेवा प्रतियोगियों से कैसे बेहतर है? इन प्रश्नों के उत्तर में संक्षिप्त और सटीक विवरण लिखें। यह इतना संक्षेप हो कि यह “एलिवेटर पीच” की तरह लगे।
3.अपने बाजार के विश्लेषण को प्रस्तुत करें-
बाजार को भलीभांति समझें। इससे चुने गए क्षेत्र के विशेषताओं, लक्षित ग्राहकों और मार्केट में आपकी अपेक्षित वित्तिय भागीदारी के बारे में बात कर पाने में सक्षम होंगे। बाजार के बारे में आपकी जानकारी विस्तृत रूप में होनी चाहिए। निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए यह समझाना जरूरी है कि आप क्या करने जा रहे हैं।
• शुरुआती दौर में ज्यादातर उद्यमी अपने ग्राहकों को केन्द्रित करने के बजाय ‘फैलाकर’ देखते हैं। आपकी सेवा और प्रोडक्ट को सभी ग्राहक पसंद करते हैं, इस भ्रम में न रहें। शुरूआत छोटे स्तर से करना सही होता है।
4.प्रबंधन एवं संगठन संरचना के बारे में लिखें
शुरूआती दौर में आप भले ही अपने कंपनी में अकेले हो सकते हैं। फिर भी भविष्य की योजनाओं को लिखें। मसलन, आपके कंपनी/उद्यम का मालिक कौन है? आपके साथ काम करने वाले लोगों की जिम्मेदारी क्या है? कंपनी/उद्यम के विस्तार होने की स्थिति में कंपनी/उद्यम की संरचना कैसी होगी। आप अपने कर्मचारियों के काम का बंटवारा आदि कैसे करेंगे? आपके व्यावसाय/उद्यम/सामाजिक उद्यम/कंपनी में निवेश या दान देने वाले लोग उसका भविष्य भी जानना चाहते हैं।
5.अपने प्रोडक्ट एवं सेवाओं के बारे में सूचित करें
वास्तव में ग्राहकों को क्या दे रहे हैं। आपका व्यावसाय ग्राहकों के किन जरूरतों को पूरा करेगा? ग्राहकों को प्रतियोगिता के बाद कौन-सा नया प्रोडक्ट/सेवा प्राप्त होगा?
• प्रोडक्ट/सेवा के बारे में अपने ग्राहकों के नजरिया को प्रस्तुत करें। अपने संभावित ग्राहकों से बात करने के बाद आपको अपने प्रोडक्ट/सेवा के बारे में ग्राहकों का विचार पता चल जाएगा।
• अगर आपके पास प्रोडक्ट, सेवा के रूप में कोई पेटेन्ट के योग्य सूचनाएं या कोई अन्य बौद्धिक सम्पदा है तो उसे पेटेंट करवाएं। आसानी से नकल करने योग्य प्रोडक्ट या सेवा के लिए आपका निवेशक तैयार नहीं होगा।
6.मार्केटिंग एवं विपणन की रणनीति बताएं
- (इस खंड में बताएं कि किस प्रकार आप) ग्राहकों को अपने व्यावसाय से जोड़े रखने की रणनीति बताएं। अपने व्यावसाय को बढ़ाने के लिए आपकी मार्केटिंग रणनीति क्या होगी? बताएं, क्या पहले से ही कुछ ग्राहक जुड़े हुए हैं या आप शुरू से शुरुआत करने जा रहे हैं।
7.फंडिंग के लिए आवेदन
अगर आप निवेश या बैंक लोन प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको अपना व्यावसाय स्थापित करने के लिए शुरूआती कितने धन की जरूरत होगी यह बताएं। आप खुद कितना पैसा लगाना चाहते हैं, कितना पैसा निवेशक या बैंक से लेना चाहते हैं और सबसे जरूरी बात इन पैसों का खर्च कैसे करने वाले हैं।
• खर्च को विभिन्न मदों में बांटकर बताएं।
8.अपने वित्तीय(खाते की) स्थिति बताएं
अगर आप व्यावसाय/उद्यम की शुरुआत कर रहे हैं तो आपको ज्यादा कागजी कारवाई करने की जरूरत नहीं है। लेकिन बैंक में जमा धन या कोई अन्य सम्पत्ति आपको लोन आदि लेने में मदद कर सकती है। लेकिन याद रहे कि आप कितना घाटा सह सकते हैं, उतनी ही सम्पत्तियों पर जोखिम लें।
• खर्च का अनुमान लगाएं। यह बाजार को समझने में मदद करेगा। आपके प्रतियोगी अपने खर्चे को कैसे पूरा कर रहे हैं? उनका आय-व्यय कितना है? इसको समझकर आप अपने उद्यम के भविष्य के खर्च का अनुमान लगा सकते हैं।
• अनुमानित खर्च और फंडिंग के लिए किए गए आवेदन करीब बराबर होने चाहिए। अगर आपका अनुमानित खर्च 10 लाख है और आपने पांच लाख रुपया ही आवेदन किया है। ऐसी हालत में आपके फंडर को लग सकता है कि आपने पूरी तैयारी और जांच-पड़ताल नहीं की है।
9. पिछले प्रोफाइल का इस्तेमाल करें
विश्वनीयता के लिए पूर्व की उपलब्धि, योग्यता, कौशल आदि को दर्शाते हुए रेफरेंस लेटर या डॉक्युमेंट को अपने आवेदन/प्रस्ताव के साथ जोड़ें। यह डॉक्युमेंट आपका व्यक्तिगत या उद्यम(पुराना होने की स्थिति में) का हो सकता है। यह लोन/ निवेश प्राप्त करने में मददगार हो सकता है।
10.सारांश लिखें
असल में यह आपके व्यावसाय के योजना के सबसे पहले आता है। लेकिन सारांश तब लिखें जब अपने उद्यम के के बारे में पूरी योजनाएं बना लें। यह आपके उद्यम का ‘स्नैपशॉट’ होता है। इन प्रश्नों को ध्यान में रखकर सारांश लिखें, आपके उद्यम का लक्ष्य क्या है? इसका मिशन क्या है? अपना एवं अपने उद्यम का परिचय, आदि। अपने बैकग्राउंड एवं अनुभव का प्रोडक्ट और सेवा से जुड़ाव को हाईलाइट करें। सारांश एक पेज से अधिक नहीं होना चाहिए।
एलिवेटर का इस्तेमाल बड़ी इमारतों में एक मंजिल से दूसरी मंजिल पर जाने के लिए किया जाता है। यानि की एलिवेटर पिच को एलिवेटर में बिताने वाले समय के भीतर खत्म करना होता है। यह छोटा होता है। एलिवेटर पिच में इतनी सूचना हो कि सुनने के बाद श्रोता आपके बारे में, आपकी योजना/उद्यम के बारे में और स्वंय के फायदे के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर ले। एलिवेटर पिच तैयार करने से पहले निम्न बातों का ध्यान रखें।
• पहला, आपका उद्यम किन समस्या और जरूरत को पूरा करने के लिए है। आपका कथन उन समस्या के सामाधान के साथ शुरू हो सकता है। जैसे अगर अगर आप शिशु-मातृ-मृत्यु दर को कम करने के लिए कोई सामाजिक-उद्यम शुरू करना चाहते हैं तो इसके लिए आप अपने वाक्य की शुरुआत कर सकते है, “क्या आप जानते हैं भारत में 56 हजार महिलाएं, प्रसव के दरम्यान दम तोड़ देती हैं?”
• दूसरा, आपके द्वारा दी जाने वाली प्रोडक्ट एवं सेवाएं कैसे पहचान की गई समस्या को दूर कर सकता है। यह एक दो लाइन से अधिक नहीं होना चाहिए। इसमें भारी-भरकम शब्द इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
• तीसरी, अपने प्रोडक्ट और सेवा के प्रमुख लाभ के बारे में बताएं। यह आपके उपभोक्ता को कैसै लाभ पहुंचा सकता है? और यह पूर्व के प्रोडक्ट और सेवा से कैसे बेहतर है?
• अंतिम बात, उद्यम को चलाने के लिए निवेशक से आप क्या अपेक्षा रखते हैं? यह भाग थोड़ा बड़ा हो सकता है। इस हिस्से में आप अपने आधारभूत(काम चलने लायक) जरूरत, आपके अनुभव और विश्वसनीयता के साथ निवेशक के विश्वास करने की वजह को रेखांकित करें।
• अपने ‘एलिवेटर पिच’ को संक्षिप्त रखें। कई विशेषज्ञ मानते हैं कि यह एक मिनट से अधिक नहीं होना चाहिए। ध्यान रखे, आपके पास बताने के लिए बहुत थोड़ा समय है। श्रोता का ध्यान भटकने न पाए।
2.अपने व्यावसाय की योजना को बताने के लिए पावर प्वाइंट बनाएं
पावर-प्वाइंट प्रेजेंटेशन बनाएं। कोशिश करें कि 15 मिनट में अपने व्यावसाय के प्रत्येक पक्ष को रख पाएं। पावर-प्वाइंट-प्रेजेंटेशन में सभी सूचनाएं संक्षिप्त रूप से होनी चाहिए।
3.अपने ‘पिच’ का अभ्यास करें
पहली बार ‘एलिवेटर पिच’ देने के दरम्यान आप लड़खड़ा सकते हैं। अपने दोस्तों, सहकर्मी और अन्य परिचितों के सामने पिच दें, उनसे अपने व्यावसाय के प्लान के बारे में बहस करें।
4.फीडबैक लें
पहली बार आप गलती कर सकते हैं। अपने लोगों से ईमानदारी के साथ फीडबैक देने को कहें। फीडबैक इन प्रश्नों को ध्यान में रखकर लें, क्या आप अपने आइडिया को सही तरह से रख पा रहे हैं? क्या आप नर्वस हो रहे हैं? क्या आप बहुत तेजी के साथ या बहुत धीरे-धीरे बात कर रहे हैं? क्या थोड़ा विस्तार से बताने की जरूरत है या संक्षिप्त करना चाहिए?
अपने क्षेत्र से जुड़े ट्रेड, इंडस्ट्री या सम्मेलनों का हिस्सा बनें। प्रतिभागियों से बात करें। अन्य उद्यमियों के साथ मजबूत सामाजिक रिश्ता बनाएं। यह प्रोफेशनल और गैर प्रोफेशनल दोनों तरह का हो सकता है। सोशल साइट्स के साथ-साथ व्यक्तिगत रूप से नियमित मिलते रहें।
• कार्यक्रमों एवं मेलों में हिस्सा लें—यह आपको अपने क्षेत्र के उद्यमियों से मिलने-जुलने का अवसर प्रदान करेगा। यह जुड़ाव आपको सहयोग आइडिया और अवसर पाने में मदद करेंगे।
• दूसरों के प्रति भी उदार बनें। नेटवर्किंग का मतलब सिर्फ फायदा लेना ही नहीं होता। आप अपने स्तर पर भी आइडिया, सलाह और मदद दें। ताली दोनों हाथों से बजती है।
• ध्यान से सुनें चाहे व आपका सीधा प्रतियोगी ही क्यों न हों। संभव है कि आप उनसे कुछ सीख सकते हैं। लोगों के सफलता के साथ-साथ उनके असफलता से भी सीखने को मिल सकता है। लेकिन यह तब संभव है जब आप किसी को ध्यान से सुनते हैं।
2. ब्रांड बनाएं-
अपने व्यावसाय के बारे में दूसरे लोगों के साथ ऑनलाइन और ऑफलाइन(व्यक्तिगत) रूप से बात करें। यह तभी हो सकता है जब आपके व्यावसाय एक मजबूत ब्रांड के तौर पर उपस्थिति हो। बिजनेस-कार्ड, वेबसाइट और सोशल मीडिया( फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, यू-ट्युब) आपके और आपके व्यावसाय के बारे में आकर्षक और ठोस रूप से जानकारी देती है। यह आपको एक प्रोफेशनल लुक देती है। यह आपके ग्राहक और निवेशक को यह संदेश भी देता है कि आप अपने व्यावसाय को लेकर गंभीर हैं।
• सफल कंपनी की वेबसाइट और ब्रांडिग को देखें, रोचक और सबमें समान रूप से पाये जाने वाले गुणों का पता करें। इसके आधार पर अपने ब्रांड को बनाएं। ( किसी दूसरी कंपनी/संस्थान की नकल करने से बचें)
• आप प्रोफेशनल ब्लॉग की शुरुआत कर सकते हैं। खासकर जब आप अपने उद्यम के माध्यम से कोई सेवा प्रदान कर रहे हों। अपने निवेशकों और ग्राहकों को खुद के आइडिया और अनुभव बताने के लिए यह एक बेहतरीन जरीया है।
3.निवेशकों से जुड़ने के लिए अपने नेटवर्क का इस्तेमाल करें
आपका नेटवर्क आपको निवेशक से जोड़ने में मदद कर सकता है। संभव हो कि आपको जानने वाला ऐसे व्यक्ति को जानता हो जो आपके आइडिया पर निवेश करना चाहता हो। किसी रेफरेंस के माध्यम से निवेशक के पास जाने पर वह आपके पिच पर गौर करता है और विश्वास भी। अधिकतर मामलों में देखा गया है कि निवेशक बिना आमंत्रण के भेजे गए प्रस्ताव पर जल्द विचार नहीं करते हैं।
• जब भी मौका मिले मदद करने वाले नेटवर्क के साथी की सहायता करें। लोग आपको तब मदद करने के इच्छुक होते हैं जब उनकी जरूरत भी पूरी होती है। उद्यमी बनने के लिए एक मित्रभाव जरूरी है।
4.अपने निवेशक को पहचानें
अपने संभावित निवेशक के सामने अपने आइडिया बताएं (पिच करें)। निवेशक का निर्धारण आपके व्यावसाय के प्रकृति के आधार पर होता है। नेटवर्किंग, निवेश के टिप्स और अवसर को जानने के लिए एक उत्तम जरीया है।
• ध्यान रखें कि वेंचर कैपटलिस्ट दो बातों पर अपना ध्यान देते हैं। पहला, उन्हे कितना पैसा लगाना है फायदा कितने समय में मिलना शुरू हो जाएगा। हर साल सैकड़ों-हजारों व्यावसाय शुरू होते हैं लेकिन करीब सिर्फ 500 उद्यम को निवेश मिल पाता है। सामाजिक उद्यम एवं लोन आधारित व्यावसाय में यह संख्या ज्यादा हो सकती है, लेकिन यहां भी ज्यादातर लोग निवेशक(सामाजिक उद्यम के संदर्भ में दानकार्ता भी एक निवेशक हो सकता है) ढूंढने में असफल रह जाते हैं।
• अगर आप प्रोफेशनल सेवा जैसै कि सलाह, एकाउंटिंग, लॉ के क्षेत्र में अपना उद्यम स्थापित करना चाहते हों तो इस क्षेत्र के अनुभवी पार्टनर के साथ साझेदारी में काम करें। यह निवेशक को पैसा लगाने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है।
• छोटे स्तर पर अपने व्यावसाय को शुरू करना एवं ग्राहकों के छोटे समूह को संतुष्ट करना ज्यादा भरोसामंद है। कम-से-कम धन से व्यावसाय को शुरू करना सफलता के रास्ते तक ले जाती है।
5.अपने सेवा और प्रोडक्ट को बेचें
आइडिया टेस्ट करने के लिए अपने प्रोडक्ट और सेवा को लोगों के बीच ले जा सकते हैं। आप अपने प्रोडक्ट/सेवा को बेचें। अगर आप लाभ में हैं तो आप सफल हैं। ऐसा करके आप जान सकते हैं कि कौन-सा आइडिया चलेगा और कौन नहीं। यह आपको नए आइडिया बनाने एवं सुधार करने का मौके देगा। तो उद्यमी बनने के लिए बदलाव के लिए तैयार रहें और जमकर मेहनत करें।
भाग एक
अपने व्यक्तित्व को पहचानें
1. अपनी प्राथमिकता जानेंस्वयं को जानने के लिए आप खुद से पूछें, आप अपने जिन्दगी में क्या पाना चाहते हैं? आप अपने वर्तमान व्यावसाय को कहां ले जाना चाहते हैं? आपके लिए महत्वपूर्ण क्या है? और यह भी कि आप क्या देने के लिए तैयार हैं!
2. खुद को परखें
अपना मालिक स्वयं बनना कई लोग चाहते हैं लेकिन यह क्षमता कुछ लोगों में बाकियों से बेहतर होती है। आप किसी परिस्थिति में कैसे व्यवहार करते हैं, यह जानना आपको अपने लक्ष्य तक पहुंचाने में मदद करेगी।
क्या आप कई जिम्मेवारियों को एक साथ उठा पाने में सक्षम हैं? ज्यादातर उद्यमियों का कोई ‘बैकअप’ नहीं होता है। अपने व्यावसाय की सफलता से आपकी सफलता या विफलता जुड़ी होती है।
• क्या आप लोगों से बातचीत करने में आनंद लेते हैं? उद्यमी को विभिन्न लोगों से संपर्क स्थापित करना पड़ता है। शुरूआत में कई लोगों से संपर्क करना पड़ता है। अगर आप लोगों से बात करने में सहज नहीं हैं तो आपको अपने व्यावसाय को जमीन पर लाने में मुश्किल आ सकती है।
• क्या आप अनिश्चितता और असफलता को झेलने के लिए तैयार हैं? बिल गेट्स और स्टीव जॉब्स जैसे सफलतम उद्यमी को भी असफलता का सामना करना पड़ा। जबतक कि उन्होंने सफल होने के मंत्र को नहीं जान लिया।
• क्या आप समस्या को दूर करने के लिए रचनात्मक समाधान खोज पाने में सक्षम हैं? उद्यमी को कदम-दर-कदम समस्याओं से निपटने के लिए रचनात्मक समाधान ढूंढने होते हैं। एक सफल उद्यमी बनने के लिए समस्याओं को जूझने और उसे दूर करने के लिए सोचना जरूरी है।
3. अपने क्षमताओ को पहचानें
ईमानदारी से अपनी कमियों और क्षमताओं को पहचानें। अपने निवेशकों और उपभोक्ताओ का विश्वास जीतने के लिए अपने क्षमताओं और आइडिया को बेहतर तरीके से रखें।
सफलता के लिए दृढनिश्चय रहें
उद्यम शुरू करने के शुरुआती दिनों में आपका दृढनिश्चय और उर्जा ही बाधाओं से पार पाने में मदद करता है। खुद पर विश्वास बनाएं रखने के लिए आदर्शवादी होने के साथ अपने सही स्थिति को जानने के लिए व्यावहारिक होना भी आवश्यक है।
भाग दो
आधार बनाएं
कोई भी व्यावसाय एक दमदार आइडिया से शुरू होता है। व्यावसाय या तो जीवन को आसान बनाने के लिए कोई सेवा हो सकती है या कोई प्रोडक्ट हो सकता या दोनों का मिला-जुला रूप हो सकता है।
• यह जरूरी नहीं है कि आपके पास कोई क्रांतिकारी या बिल्कुल नया आइडिया हो। लेकिन आपके पास प्रतियोगियों से बेहतर करने का आइडिया होना चाहिए।
• आपके सफल होने की संभावना अधिक होगी अगर आप अपने विषय को बेहतर तरीके से समझते हों और उसे प्यार करते हों। आपके गांव में कपड़े की कोई दुकान नहीं है। लेकिन आपको दुकान खोलना पसंद नहीं। तब कपड़े की दुकानदारी में सफलता की संभावना कम है।
• आइडिया के लिए सबसे पहले अपने संभावित बाजार की सूची बनाएं। उदाहरण के लिए जहां लोग सेवाओं एवं प्रोडक्ट के लिए जाते हैं, एवं जिसकी जरूरत है। पूंजी, लागत एवं जरूरत को ध्यान में रखते हुए तीन प्रमुख सेवा/प्रोडक्ट को चुनें। अब उन प्रोडक्ट/सेवाओं को चुनें जो सबसे आसान एवं सुलभता से दी जा सकती है।
2. अपने बाजार के बारे में गहराई से जानें
किसी व्यावसाय को शुरू करने से पहले यह जानना जरूरी है कि आपके द्वारा दी जाने वाली प्रोडक्ट/सेवा की मांग है या नहीं। आप जो उत्पाद लाना चाहते हैं, वह बाजार में उपलब्ध न हो या कम हो लेकिन आप उसे तैयार करने की क्षमता रखते हों।
• व्यावसाय से संबंधित कई सूचना ऑनलाइन उपलब्ध होती है। अपने व्यावसाय से संबंधित जानकारी को इंटरनेट पर सर्च करें और संबंधित जर्नल एवं पत्रिका पढ़ें। जनगणना के डाटा से भी कई प्रकार की सूचनाएं प्राप्त की जा सकती है।
• अगर आप कोई उद्यम स्थापित करना चाहते हैं तो भारत सरकार के www.business.gov.in वेबसाइट पर जाएं। यहां उद्यम एवं कंपनी खोलने से संबंधित जानकारी हिन्दी एवं अंग्रेजी में उपलब्ध है।
3. अपने संभावित उपभोक्ता से बात करें
दुनिया की सबसे बेहतर सेवा और प्रोडक्ट बनाने का आइडिया होने के बावजूद, खरीददार के आभाव में आपका व्यावसाय बंद हो सकता है।
• अपने व्यावसाय की योजना मित्र को बताएं, आपके मित्र आपकी योजना के खामियों को बेहतर रूप से बता सकते हैं। हालांकि आलोचना सुनना आसान नहीं होता, लेकिन यह आपके व्यावसाय की त्रुटियों को दूर करने में मददगार हो सकता है।
4. जोखिम को पहचानें
हमने पहले ही जिक्र किया है कि उद्यम में अधिक जोखिम और अधिक लाभ है। अपने कुल निवेश की गणना करें। कुल निवेश में श्रम और समय भी शामिल होता है।
• बिना लाभ कमाये व्यावसाय को कबतक चलाया जा सकता है। बचत, उधार और आय के अन्य स्त्रोतों को ध्यान में रखकर इसकी गणना करें। अक्सर छोटे उद्यम शुरूआती दिनों में फायदा नहीं देते। क्या आप बिना वेतन लिये के कुछ दिनों या महिनों या सालों तक अपने उद्यम या व्यावसाय को चला सकते हैं?
5. ‘स्वीकार योग्य घाटे’ को समझना
तय करें कि व्यावसाय में कितना घाटा बर्दास्त कर सकते हैं। व्यावसाय के असफल होने की स्थिति में आप घाटे से जल्द उबर सकते हैं।
6. योजना नहीं बल्कि अपने लक्ष्य को पाने का प्रयास करें
उद्यमी बनने के लिए विचारों में लचीलापन रखना जरूरी है। आप प्रत्येक उद्यम में सबकुछ नियंत्रित नहीं रख सकते हैं, बदलाव व्यावसाय को बचाये रखने के लिए बहुत जरूरी है। अगर आप अपने पूर्व के योजना पर अड़े रहें तो आप बरबाद भी हो सकते हैं।
भाग तीन
अपने व्यावसाय के योजनाओं को लिखें
1. व्यावसाय के लिए योजना बनाएंबिजनेस प्लान यानी व्यावसाय के लिए योजना का तात्पर्य आपके उद्यम द्वारा दी जाने वाली सेवाओं/प्रोडक्ट एवं ग्राहकों से है। बाजार का विश्लेषण में सेवाओं/प्रोडक्ट का विस्तृत विवरण और आने वाले तीन से पांच सालों में उद्यम की स्थिति शामिल होती है। प्राय: निवेशक, व्यावसाय की विस्तृत योजना को देखना चाहता है।
2.अपने कंपनी/सोशल एंटरप्राइजेज का विवरण लिखें
आपका सोशल एंटरप्राइजेज/कंपनी क्या काम करती है? यह किन जरूरतों को पूरा करती है? आपके द्वारा दी जाने वाली प्रोडक्ट और सेवा प्रतियोगियों से कैसे बेहतर है? इन प्रश्नों के उत्तर में संक्षिप्त और सटीक विवरण लिखें। यह इतना संक्षेप हो कि यह “एलिवेटर पीच” की तरह लगे।
3.अपने बाजार के विश्लेषण को प्रस्तुत करें-
बाजार को भलीभांति समझें। इससे चुने गए क्षेत्र के विशेषताओं, लक्षित ग्राहकों और मार्केट में आपकी अपेक्षित वित्तिय भागीदारी के बारे में बात कर पाने में सक्षम होंगे। बाजार के बारे में आपकी जानकारी विस्तृत रूप में होनी चाहिए। निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए यह समझाना जरूरी है कि आप क्या करने जा रहे हैं।
• शुरुआती दौर में ज्यादातर उद्यमी अपने ग्राहकों को केन्द्रित करने के बजाय ‘फैलाकर’ देखते हैं। आपकी सेवा और प्रोडक्ट को सभी ग्राहक पसंद करते हैं, इस भ्रम में न रहें। शुरूआत छोटे स्तर से करना सही होता है।
4.प्रबंधन एवं संगठन संरचना के बारे में लिखें
शुरूआती दौर में आप भले ही अपने कंपनी में अकेले हो सकते हैं। फिर भी भविष्य की योजनाओं को लिखें। मसलन, आपके कंपनी/उद्यम का मालिक कौन है? आपके साथ काम करने वाले लोगों की जिम्मेदारी क्या है? कंपनी/उद्यम के विस्तार होने की स्थिति में कंपनी/उद्यम की संरचना कैसी होगी। आप अपने कर्मचारियों के काम का बंटवारा आदि कैसे करेंगे? आपके व्यावसाय/उद्यम/सामाजिक उद्यम/कंपनी में निवेश या दान देने वाले लोग उसका भविष्य भी जानना चाहते हैं।
5.अपने प्रोडक्ट एवं सेवाओं के बारे में सूचित करें
वास्तव में ग्राहकों को क्या दे रहे हैं। आपका व्यावसाय ग्राहकों के किन जरूरतों को पूरा करेगा? ग्राहकों को प्रतियोगिता के बाद कौन-सा नया प्रोडक्ट/सेवा प्राप्त होगा?
• प्रोडक्ट/सेवा के बारे में अपने ग्राहकों के नजरिया को प्रस्तुत करें। अपने संभावित ग्राहकों से बात करने के बाद आपको अपने प्रोडक्ट/सेवा के बारे में ग्राहकों का विचार पता चल जाएगा।
• अगर आपके पास प्रोडक्ट, सेवा के रूप में कोई पेटेन्ट के योग्य सूचनाएं या कोई अन्य बौद्धिक सम्पदा है तो उसे पेटेंट करवाएं। आसानी से नकल करने योग्य प्रोडक्ट या सेवा के लिए आपका निवेशक तैयार नहीं होगा।
6.मार्केटिंग एवं विपणन की रणनीति बताएं
- (इस खंड में बताएं कि किस प्रकार आप) ग्राहकों को अपने व्यावसाय से जोड़े रखने की रणनीति बताएं। अपने व्यावसाय को बढ़ाने के लिए आपकी मार्केटिंग रणनीति क्या होगी? बताएं, क्या पहले से ही कुछ ग्राहक जुड़े हुए हैं या आप शुरू से शुरुआत करने जा रहे हैं।
7.फंडिंग के लिए आवेदन
अगर आप निवेश या बैंक लोन प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको अपना व्यावसाय स्थापित करने के लिए शुरूआती कितने धन की जरूरत होगी यह बताएं। आप खुद कितना पैसा लगाना चाहते हैं, कितना पैसा निवेशक या बैंक से लेना चाहते हैं और सबसे जरूरी बात इन पैसों का खर्च कैसे करने वाले हैं।
• खर्च को विभिन्न मदों में बांटकर बताएं।
8.अपने वित्तीय(खाते की) स्थिति बताएं
अगर आप व्यावसाय/उद्यम की शुरुआत कर रहे हैं तो आपको ज्यादा कागजी कारवाई करने की जरूरत नहीं है। लेकिन बैंक में जमा धन या कोई अन्य सम्पत्ति आपको लोन आदि लेने में मदद कर सकती है। लेकिन याद रहे कि आप कितना घाटा सह सकते हैं, उतनी ही सम्पत्तियों पर जोखिम लें।
• खर्च का अनुमान लगाएं। यह बाजार को समझने में मदद करेगा। आपके प्रतियोगी अपने खर्चे को कैसे पूरा कर रहे हैं? उनका आय-व्यय कितना है? इसको समझकर आप अपने उद्यम के भविष्य के खर्च का अनुमान लगा सकते हैं।
• अनुमानित खर्च और फंडिंग के लिए किए गए आवेदन करीब बराबर होने चाहिए। अगर आपका अनुमानित खर्च 10 लाख है और आपने पांच लाख रुपया ही आवेदन किया है। ऐसी हालत में आपके फंडर को लग सकता है कि आपने पूरी तैयारी और जांच-पड़ताल नहीं की है।
9. पिछले प्रोफाइल का इस्तेमाल करें
विश्वनीयता के लिए पूर्व की उपलब्धि, योग्यता, कौशल आदि को दर्शाते हुए रेफरेंस लेटर या डॉक्युमेंट को अपने आवेदन/प्रस्ताव के साथ जोड़ें। यह डॉक्युमेंट आपका व्यक्तिगत या उद्यम(पुराना होने की स्थिति में) का हो सकता है। यह लोन/ निवेश प्राप्त करने में मददगार हो सकता है।
10.सारांश लिखें
असल में यह आपके व्यावसाय के योजना के सबसे पहले आता है। लेकिन सारांश तब लिखें जब अपने उद्यम के के बारे में पूरी योजनाएं बना लें। यह आपके उद्यम का ‘स्नैपशॉट’ होता है। इन प्रश्नों को ध्यान में रखकर सारांश लिखें, आपके उद्यम का लक्ष्य क्या है? इसका मिशन क्या है? अपना एवं अपने उद्यम का परिचय, आदि। अपने बैकग्राउंड एवं अनुभव का प्रोडक्ट और सेवा से जुड़ाव को हाईलाइट करें। सारांश एक पेज से अधिक नहीं होना चाहिए।
भाग चार
अपना पिच तैयार करें
1.अपना एलिवेटर पिच तैयार करेंएलिवेटर का इस्तेमाल बड़ी इमारतों में एक मंजिल से दूसरी मंजिल पर जाने के लिए किया जाता है। यानि की एलिवेटर पिच को एलिवेटर में बिताने वाले समय के भीतर खत्म करना होता है। यह छोटा होता है। एलिवेटर पिच में इतनी सूचना हो कि सुनने के बाद श्रोता आपके बारे में, आपकी योजना/उद्यम के बारे में और स्वंय के फायदे के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर ले। एलिवेटर पिच तैयार करने से पहले निम्न बातों का ध्यान रखें।
• पहला, आपका उद्यम किन समस्या और जरूरत को पूरा करने के लिए है। आपका कथन उन समस्या के सामाधान के साथ शुरू हो सकता है। जैसे अगर अगर आप शिशु-मातृ-मृत्यु दर को कम करने के लिए कोई सामाजिक-उद्यम शुरू करना चाहते हैं तो इसके लिए आप अपने वाक्य की शुरुआत कर सकते है, “क्या आप जानते हैं भारत में 56 हजार महिलाएं, प्रसव के दरम्यान दम तोड़ देती हैं?”
• दूसरा, आपके द्वारा दी जाने वाली प्रोडक्ट एवं सेवाएं कैसे पहचान की गई समस्या को दूर कर सकता है। यह एक दो लाइन से अधिक नहीं होना चाहिए। इसमें भारी-भरकम शब्द इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
• तीसरी, अपने प्रोडक्ट और सेवा के प्रमुख लाभ के बारे में बताएं। यह आपके उपभोक्ता को कैसै लाभ पहुंचा सकता है? और यह पूर्व के प्रोडक्ट और सेवा से कैसे बेहतर है?
• अंतिम बात, उद्यम को चलाने के लिए निवेशक से आप क्या अपेक्षा रखते हैं? यह भाग थोड़ा बड़ा हो सकता है। इस हिस्से में आप अपने आधारभूत(काम चलने लायक) जरूरत, आपके अनुभव और विश्वसनीयता के साथ निवेशक के विश्वास करने की वजह को रेखांकित करें।
• अपने ‘एलिवेटर पिच’ को संक्षिप्त रखें। कई विशेषज्ञ मानते हैं कि यह एक मिनट से अधिक नहीं होना चाहिए। ध्यान रखे, आपके पास बताने के लिए बहुत थोड़ा समय है। श्रोता का ध्यान भटकने न पाए।
2.अपने व्यावसाय की योजना को बताने के लिए पावर प्वाइंट बनाएं
पावर-प्वाइंट प्रेजेंटेशन बनाएं। कोशिश करें कि 15 मिनट में अपने व्यावसाय के प्रत्येक पक्ष को रख पाएं। पावर-प्वाइंट-प्रेजेंटेशन में सभी सूचनाएं संक्षिप्त रूप से होनी चाहिए।
3.अपने ‘पिच’ का अभ्यास करें
पहली बार ‘एलिवेटर पिच’ देने के दरम्यान आप लड़खड़ा सकते हैं। अपने दोस्तों, सहकर्मी और अन्य परिचितों के सामने पिच दें, उनसे अपने व्यावसाय के प्लान के बारे में बहस करें।
4.फीडबैक लें
पहली बार आप गलती कर सकते हैं। अपने लोगों से ईमानदारी के साथ फीडबैक देने को कहें। फीडबैक इन प्रश्नों को ध्यान में रखकर लें, क्या आप अपने आइडिया को सही तरह से रख पा रहे हैं? क्या आप नर्वस हो रहे हैं? क्या आप बहुत तेजी के साथ या बहुत धीरे-धीरे बात कर रहे हैं? क्या थोड़ा विस्तार से बताने की जरूरत है या संक्षिप्त करना चाहिए?
भाग पांच
अपना आइडिया दूसरों को बताएं
1. नेटवर्क-नेटवर्क-नेटवर्क,अपने क्षेत्र से जुड़े ट्रेड, इंडस्ट्री या सम्मेलनों का हिस्सा बनें। प्रतिभागियों से बात करें। अन्य उद्यमियों के साथ मजबूत सामाजिक रिश्ता बनाएं। यह प्रोफेशनल और गैर प्रोफेशनल दोनों तरह का हो सकता है। सोशल साइट्स के साथ-साथ व्यक्तिगत रूप से नियमित मिलते रहें।
• कार्यक्रमों एवं मेलों में हिस्सा लें—यह आपको अपने क्षेत्र के उद्यमियों से मिलने-जुलने का अवसर प्रदान करेगा। यह जुड़ाव आपको सहयोग आइडिया और अवसर पाने में मदद करेंगे।
• दूसरों के प्रति भी उदार बनें। नेटवर्किंग का मतलब सिर्फ फायदा लेना ही नहीं होता। आप अपने स्तर पर भी आइडिया, सलाह और मदद दें। ताली दोनों हाथों से बजती है।
• ध्यान से सुनें चाहे व आपका सीधा प्रतियोगी ही क्यों न हों। संभव है कि आप उनसे कुछ सीख सकते हैं। लोगों के सफलता के साथ-साथ उनके असफलता से भी सीखने को मिल सकता है। लेकिन यह तब संभव है जब आप किसी को ध्यान से सुनते हैं।
2. ब्रांड बनाएं-
अपने व्यावसाय के बारे में दूसरे लोगों के साथ ऑनलाइन और ऑफलाइन(व्यक्तिगत) रूप से बात करें। यह तभी हो सकता है जब आपके व्यावसाय एक मजबूत ब्रांड के तौर पर उपस्थिति हो। बिजनेस-कार्ड, वेबसाइट और सोशल मीडिया( फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, यू-ट्युब) आपके और आपके व्यावसाय के बारे में आकर्षक और ठोस रूप से जानकारी देती है। यह आपको एक प्रोफेशनल लुक देती है। यह आपके ग्राहक और निवेशक को यह संदेश भी देता है कि आप अपने व्यावसाय को लेकर गंभीर हैं।
• सफल कंपनी की वेबसाइट और ब्रांडिग को देखें, रोचक और सबमें समान रूप से पाये जाने वाले गुणों का पता करें। इसके आधार पर अपने ब्रांड को बनाएं। ( किसी दूसरी कंपनी/संस्थान की नकल करने से बचें)
• आप प्रोफेशनल ब्लॉग की शुरुआत कर सकते हैं। खासकर जब आप अपने उद्यम के माध्यम से कोई सेवा प्रदान कर रहे हों। अपने निवेशकों और ग्राहकों को खुद के आइडिया और अनुभव बताने के लिए यह एक बेहतरीन जरीया है।
3.निवेशकों से जुड़ने के लिए अपने नेटवर्क का इस्तेमाल करें
आपका नेटवर्क आपको निवेशक से जोड़ने में मदद कर सकता है। संभव हो कि आपको जानने वाला ऐसे व्यक्ति को जानता हो जो आपके आइडिया पर निवेश करना चाहता हो। किसी रेफरेंस के माध्यम से निवेशक के पास जाने पर वह आपके पिच पर गौर करता है और विश्वास भी। अधिकतर मामलों में देखा गया है कि निवेशक बिना आमंत्रण के भेजे गए प्रस्ताव पर जल्द विचार नहीं करते हैं।
• जब भी मौका मिले मदद करने वाले नेटवर्क के साथी की सहायता करें। लोग आपको तब मदद करने के इच्छुक होते हैं जब उनकी जरूरत भी पूरी होती है। उद्यमी बनने के लिए एक मित्रभाव जरूरी है।
4.अपने निवेशक को पहचानें
अपने संभावित निवेशक के सामने अपने आइडिया बताएं (पिच करें)। निवेशक का निर्धारण आपके व्यावसाय के प्रकृति के आधार पर होता है। नेटवर्किंग, निवेश के टिप्स और अवसर को जानने के लिए एक उत्तम जरीया है।
• ध्यान रखें कि वेंचर कैपटलिस्ट दो बातों पर अपना ध्यान देते हैं। पहला, उन्हे कितना पैसा लगाना है फायदा कितने समय में मिलना शुरू हो जाएगा। हर साल सैकड़ों-हजारों व्यावसाय शुरू होते हैं लेकिन करीब सिर्फ 500 उद्यम को निवेश मिल पाता है। सामाजिक उद्यम एवं लोन आधारित व्यावसाय में यह संख्या ज्यादा हो सकती है, लेकिन यहां भी ज्यादातर लोग निवेशक(सामाजिक उद्यम के संदर्भ में दानकार्ता भी एक निवेशक हो सकता है) ढूंढने में असफल रह जाते हैं।
• अगर आप प्रोफेशनल सेवा जैसै कि सलाह, एकाउंटिंग, लॉ के क्षेत्र में अपना उद्यम स्थापित करना चाहते हों तो इस क्षेत्र के अनुभवी पार्टनर के साथ साझेदारी में काम करें। यह निवेशक को पैसा लगाने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है।
• छोटे स्तर पर अपने व्यावसाय को शुरू करना एवं ग्राहकों के छोटे समूह को संतुष्ट करना ज्यादा भरोसामंद है। कम-से-कम धन से व्यावसाय को शुरू करना सफलता के रास्ते तक ले जाती है।
5.अपने सेवा और प्रोडक्ट को बेचें
आइडिया टेस्ट करने के लिए अपने प्रोडक्ट और सेवा को लोगों के बीच ले जा सकते हैं। आप अपने प्रोडक्ट/सेवा को बेचें। अगर आप लाभ में हैं तो आप सफल हैं। ऐसा करके आप जान सकते हैं कि कौन-सा आइडिया चलेगा और कौन नहीं। यह आपको नए आइडिया बनाने एवं सुधार करने का मौके देगा। तो उद्यमी बनने के लिए बदलाव के लिए तैयार रहें और जमकर मेहनत करें।

No comments:
Post a Comment